रांची, जुलाई 11 -- रांची, विशेष संवाददाता। एचईसी के पुनरुद्धार के लिए गठित संसदीय कमेटी ने शुक्रवार को एचईसी की बैंक गारंटी पर प्रबंधन और बैंक का पक्ष सुना। बैंक की ओर से कहा गया कि एचईसी को ऋण देने के लिए उसे बैंक गारंटी की जरूरत है। यदि केंद्र सरकार बैंक गारंटी देती है तो यह तय करना होगा कि इसकी राशि कितनी होगी। यदि केंद्र सरकार गांरटर नहीं बनती है तो एचईसी को ऋण के बदले संसाधन गिरवी रखना होगा। इस पर संसदीय कमेटी ने एचईसी के प्रभारी चेयरमैन से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। चेयरमैन ने कमेटी से बैंक गारंटी की जरूरत के लिए समय मांगा और कहा कि दस दिनों में इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर बैंक गारंटी की राशि तय कर कमेटी को बताया जाएगा। बैंक भी चेयरमैन के इस प्रस्ताव पर सहमत हुआ। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गयी...
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