रांची, जनवरी 6 -- रांची, संवाददाता। एचईसी के स्थायी कर्मचारियों और ठेका मजदूरों की आर्थिक स्थिति गंभीर होती जा रही है। हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने आरोप लगाया है कि भेल प्रबंधन तीन माह में केवल 15 दिन का वेतन देकर एचईसी चलाने की कोशिश कर रहा है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से केंद्र सरकार ने एचईसी को आर्थिक संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी भेल प्रबंधन को सौंपी थी, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते गए हैं। वर्तमान में कर्मचारियों का वेतन बकाया बढ़कर 35 माह तक पहुंच गया है, जिससे भुखमरी जैसी स्थिति बन गई है। रोजी-रोटी की तलाश में कर्मचारी पलायन को मजबूर हैं, लेकिन उनका बकाया भी नहीं मिल रहा। यूनियन ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से सबका साथ, सबका...