बरेली, दिसम्बर 1 -- एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उनको टीबी (क्षय रोग) का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहता है। चिकित्सकों का कहना है कि एचआईवी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे टीबी बैक्टीरिया आसानी से सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में समय पर इलाज और दवा का नियमित सेवन न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की टीबी और क्षयरोगियों की एचआईवी जांच अनिवार्य कर दिया है। एड्स के खतरे के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। इस साल की थीम है, विघटन पर काबू पाना, एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन करना। जिले में वर्तमान समय में लगभग 6600 एचआईवी संक्रमित मरीज जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में पंजीकृ...