लातेहार, सितम्बर 27 -- लातेहार प्रतिनिधि। शहर के बीचोंबीच स्थित अंबाकोठी मुहल्ला गंगा-जमुना तहजीब की मिसाल है। दुर्गा पूजा के दौरान हिंदू-मुस्लिम एक साथ पूजा और इबादत करते हैं, इसलिए इस मुहल्ला को सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। शुक्रवार को भी यहां एक साथ रामचरितमानस का पाठ और जुम्मे की नमाज अदा की गई। यह सिलसिला पिछले 51 वर्षों से बिना किसी विवाद के चल रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस मुहल्ले में मस्जिद है, उस मुहल्ले में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता। महायज्ञ स्थल से मस्जिद की दूरी मात्र 30 फीट है। बावजूद इसके, आज तक यहां कभी माहौल खराब नहीं हुआ। हर साल नवरात्र में इस मुहल्ले में 10 दिन तक रामचरित मानस का पाठ होता है। मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने के बाद संगीत की धुन पर रामायण पाठ का आनंद भी लोग लेते हैं। वर्ष 1974 ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.