नई दिल्ली, जून 3 -- दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण) विभाग ने बढ़ते वित्तीय घाटे को कम करने के लिए अपने अनुबंध की सामान्य शर्तों में एक बड़ा बदलाव कर दिया है और इसमें से मध्यस्थता की शर्त को हटा दिया है। नए बदलाव के बाद पीडब्ल्यूडी और किसी निजी ठेकेदार के बीच किसी भी तरह का विवाद होने की स्थिति में मामले को केवल अदालतों में ही निपटाया जाएगा। इस बात की जानकारी पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने दी। वर्मा ने बताया कि नए टेंडरों से हमने मध्यस्थता संबंधी प्रावधान हटा दिया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों में मध्यस्थता संबंधी प्रावधानों को रखने का मूल उद्देश्य मुकदमेबाजी के बजाय किसी विवाद का त्वरित निपटारा करना था, लेकिन मध्यस्थता के लिए गए अधिकांश मामलों में सरकार को भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ा। इस फैसले की वजह को लेकर मंत्री व...
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