छपरा, नवम्बर 4 -- लोकतंत्र की असली ताकत जनता के मत में छिपी है। हर पांच साल में आने वाला यह मौका सिर्फ सरकार चुनने का नहीं, बल्कि अपनी आवाज बुलंद करने का अवसर है। छपरा जैसे जागरूक जिले में भी पिछले चुनावों में मतदान प्रतिशत उम्मीद से कम रहा। गांवों में लापरवाही और शहरों में उदासीनता इस कमी की बड़ी वजह बनी जबकि हर वोट देश की दिशा तय करता है। चुनाव आयोग और प्रशासन इस बार मतदाता जागरूकता अभियान पर खास फोकस कर रहे हैं। कॉलेजों, स्कूलों और मोहल्लों तक रैलियां और नुक्कड़ नाटक चलाए जा रहे हैं ताकि हर नागरिक मतदान को अपना अधिकार ही नहीं, जिम्मेदारी भी समझे। छपरा में इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर जोश तो दिख रहा है, लेकिन मतदान प्रतिशत बढ़ाना अब भी एक चुनौती है। पिछले विधानसभा चुनाव में कई बूथों पर मतदान प्रतिशत 55 से 60 फीसदी के बीच ही रहा जबकि लक...