नई दिल्ली, मई 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन) सिद्ध हो जाता है, तो केवल एक व्यक्ति द्वारा बलात्कार का कृत्य करने पर भी सभी शामिल व्यक्तियों को गैंगरेप के लिए दोषी ठहराया जा सकता है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह फैसला 1 मई को सुनाया। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, पीठ ने कहा, "यह स्पष्ट है कि आईपीसी की धारा 376(2)(g) के अंतर्गत सामूहिक बलात्कार के मामले में यदि सभी ने साझा मंशा के तहत कृत्य किया हो, तो एक आरोपी द्वारा किया गया कृत्य ही सभी को दंडित करने के लिए पर्याप्त है।" कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत, यदि एक से अधिक व्यक्तियों ने साझा इरादे के साथ अपराध में भाग लिया, तो यह साबित करने की आवश्यकता नहीं है कि प्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.