हापुड़, नवम्बर 12 -- गरीब निराश्रित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए सरकार निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया दिसंबर से शुरू होगी जिसमें लॉटरी से बच्चों का चयन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग गरीब परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाता है। इससे अलग-अलग तिथियों में आवेदन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की जाती है। इस बार यह प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होगी। पिछली बार जहां आवेदन की प्रक्रिया चरणों में पूरी की गई थी, वहीं इस बार पांच चरणों में...