गाज़ियाबाद, नवम्बर 27 -- गाजियाबाद, संवाददाता। ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने का कार्य एक दिसंबर से निजी हाथों में चला जाएगा। लोगों को आरटीओ ऑफिस के बजाय साल के अंतिम महीने में ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण (ट्रेनिंग और टेस्टिंग) केंद्र जाना होगा। हालांकि, इससे पहले आवेदक को स्क्रूटनी के लिए ऑफिस आना होगा। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया सख्त होने जा रही है। लोगों को अपना लाइसेंस बनवाने के लिए प्रशिक्षण के साथ ज्यादा दाम भी खर्च करने होंगे। अभी तक एक हजार रुपये की फीस पर लाइसेंस बनता था, लेकिन अब फीस के अलावा प्रशिक्षण के पांच हजार रुपये अलग से खर्च करने होंगे। मोटर वाहन निरीक्षक विपिन कुमार का कहना है कि नई व्यवस्था के मुताबिक, आवेदक को ऑनलाइन आवेदन के बाद कागजों की स्क्रूटनी के लिए पहले परिवहन विभाग आना होगा। परिवहन दफ्तर में फोट...