प्रयागराज, मार्च 21 -- प्रयागराज। आरओ/एआरओ 2023 की प्रारंभिक परीक्षा एक दिन और एक पाली में कराने के उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निर्णय का प्रतियोगी छात्रों ने स्वागत किया है। नवंबर में हुए आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राजन त्रिपाठी का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है। छात्रों ने संघर्ष के बल पर पीसीएस और आरओ/एआरओ को एक दिन में कराने में सफलता हासिल की है। छात्रों ने एक-एक रुपया चंदा लगाकर आंदोलन खड़ा किया और आखिरकार उनकी वाजिब मांग आयोग को माननी पड़ी। गौरतलब है कि प्रारंभिक परीक्षाओं में मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) के खिलाफ आंदोलन 11 नवंबर से आंदोलन शुरू किया था। आयोग ने पहले पीसीएस और फिर आरओ/एआरओ एक दिन में कराने पर सहमति देकर छात्रों की दोनों मांगे मान ली है। समीक्षा अधिकारी के 334 और सहायक समीक्षा अधिकारी के 77 कुल 411 पदों के ल...
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