मुजफ्फरपुर, फरवरी 7 -- मुजफ्फरपुर। शहर के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से से होकर गुजरने वाली फरदो नदी में कभी अविरल और निर्मल धारा बहती थी। लेकिन, बदहाली इस कदर हुई कि यह अब नाले में तब्दील हो गई। साफ-सफाई के अभाव और लगातार हो रहे अतिक्रमण के कारण फरदो नदी के अस्तित्व पर संकट गहरा रहा है। जलनिकासी को लेकर शहर के पश्चिमी इलाके की लाइफलाइन मानी जाने वाली इस नदी के दोनों पाटों पर तेजी से कब्जा बढ़ रहा है। एक दशक से गंडक एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गाडा) ने इस नदी की उड़ाही पर ध्यान नहीं दिया है। नदी पूरी तरह से गाद व जंगल-झाड़ से भरी हुई है। दोनों किनारों पर प्लॉटिंग में सक्रिय भूमि माफिया तेजी से नदी की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि अब भी अगर इस नदी के संरक्षण पर प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिया गय...
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