बिहारशरीफ, जनवरी 1 -- एक चिकित्सक के भरोसे चेवाड़ा के तीन पशु अस्पताल बीमार मवेशियों का इलाज कराने के लिए भटक रहे किसान कर्मियों की कमी से नहीं हो रहा अस्पतालों का नियमित संचालन चेवाड़ा, निज संवाददाता। पशु अस्पतालों में चिकित्सक व कर्मियों की तैनाती और बेहतर सेवा देने के दावे तो किये जाते हैं। लेकिन, हकीकत इससे इतर है। नौबत ऐसी कि प्रखंड के तीन पशु अस्पताल महज एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। कर्मियों की कमी के कारण अस्पतालों का संचालन नियमित नहीं होता है। नतीजा, बीमार मवेशियों का इलाज कराने के लिए किसानों को भटकना पड़ता है। लाचारी में झोला छाप चिकित्सकों की शरण लेनी पड़ती है। कभी-कभी समय पर बेहतर इलाज न मिलने से मवेशियों की मौत भी हो जाती है। प्रखंड क्षेत्र के करंडे, लोहान और चेवाड़ा के पशु अस्पतालों का संचालन करने की जवाबदेही महज एक चिकित...