मुजफ्फरपुर, सितम्बर 6 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। बूढ़ी गंडक नदी के खास हिस्से में पानी की सतह पर जमी गाद निकाली जाएगी। इसके लिए एक्सकेवेटर और क्लैमशेल बकेट जैसी मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नदी की गहराई ठीक होगी। यह सब काम रिवर फ्रंट परियोजना के तहत होगा। दरअसल, बूढ़ी गंडक नदी के निचले हिस्से में जमी गाद और सिल्ट के कारण प्रवाह बाधित होने के साथ ही जल निकासी की क्षमता भी कम हो सकती है। ऐसे हालात में पानी बढ़ने पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। तकनीकी तौर पर इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए डीपीआर में ड्रेजिंग का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा शहर के प्रमुख घाटों को जोड़ने को लेकर घाट रूट एलाइनमेंट बनाया गया है। इसका निर्माण मुक्तिधाम घाट से अखाड़ाघाट, सीढ़ी घाट के बीच और आगे अखाड़ाघाट, सीढ़ीघाट से आश्रम घाट के बीच बूढ़ी गंडक पुल के...
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