कुशीनगर, अक्टूबर 29 -- कुशीनगर। उत्तर प्रदेश शासन ने एकीकृत विकास योजनान्तर्गत सामुदायिक विकास केन्द्रों के निर्माण से संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। अब ऐसे गांव इस योजना में सम्मिलित किए जाएंगे, जिनमें अनुसूचित जाति की आबादी 25 प्रतिशत या इससे अधिक है। पहले इस योजना के अंतर्गत केवल उन्हीं गांवों को चुना जा सकता था, जिनमें अनुसूचित जाति की आबादी 25 से 50 प्रतिशत के बीच हो। जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि ग्रामीण विकास एवं सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अति पिछड़े अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवो के सर्वांगीण विकास को लेकर शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब एकीकृत विकास योजनान्तर्गत सामुदायिक विकास केन्द्रों के निर्माण के लिये पात्रता सीमा में बदलाव किया गया है। शासन ने ऐसे ग्रामों को भी योजना मे...