जमशेदपुर, दिसम्बर 9 -- पूर्वी सिंहभूम जिले के एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में अब शिक्षकों की कमी समाप्त होने जा रही है। इसके तहत नवनियुक्त शिक्षकों को उन स्कूलों में प्रतिनियोजित किया जा रहा है, जहां अब तक केवल एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही थी। हाल ही में नियुक्त शिक्षकों ने विद्यालयों में योगदान देना भी शुरू कर दिया है। पिछले दिनों जिला शिक्षा कार्यालय ने अलग-अलग स्कूलों में प्रतिनियोजन की प्रक्रिया पूरी की थी। गौरतलब है कि झारखंड के करीब 8000 सरकारी स्कूल वर्षों से एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे थे। अब इन स्कूलों में इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्यों की नियुक्ति से स्थिति सुधरने लगी है। पूर्वी सिंहभूम में भी यही व्यवस्था लागू की गई है। अब तक ज्यादातर प्राथमिक विद्यालय पारा शिक्षकों के भरोसे चल रहे थे, लेकिन नवनियुक्त सहायक आचार्य पदस्...