उन्नाव, नवम्बर 18 -- अचलगंज। एकता यात्रा के नारों और सुरक्षा घेरे की कड़ी व्यवस्थाओं के बीच इंसानियत की पुकार दो घंटे तक रास्ता तलाशती रही। पर किसी ने सुना नहीं। पीड़ा से तड़पती गर्भवती को महज पांच किलोमीटर का सफर तय करने में दो घंटे लग गए। क्योंकि, 'व्यवस्था' के बोझ से पस्त सड़क बंद थी। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद स्मारक से मंगलवार को एकता यात्रा निकाली गई। सैकड़ों की तादात में शामिल महिलाएं व पुरुष हाथों में तिरंगा लिए भारत माता की जयकारे लगाते रहे। यात्रा दौरान एक गर्भवती को लेकर अस्पताल जा रही एम्बुलेंस जाम में फंस गई। मगर किसी ने उसे रास्ता नहीं दिया। दो घंटे तक चली पांच किलोमीटर यात्रा जब लोहचा मोड़ से उन्नाव की ओर मुड़ी, तब जाकर एम्बुलेंस को रास्ता मिल सका। इस दौरान वह यात्रा के पी...
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