लखनऊ, जुलाई 25 -- फतेहपुर के बाद लखनऊ में भी साइबर जालसाजों ने परिवहन विभाग के फेसलेस लर्निंग लाइसेंस सिस्टम में सेंध लगा दी। परिवहन विभाग का सॉफ्टवेयर हैक कर आवेदक के आधार की फोटो का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से वीडियो तैयार किया और लर्निंग टेस्ट दिलवा दिया। टेस्ट प्रक्रिया पूरी होते ही लर्निंग डीएल जारी हो गया। जानकारी में आते ही परिवहन आयुक्त ने लर्निंग लाइसेंस निरस्त कर एफआईआर के आदेश दिए हैं। शहर के ही संतोष वर्मा के आवेदन पर देवा रोड स्थित परिवहन कार्यालय में लर्निंग डीएल जारी किया गया था। इस लाइसेंस की जांच में आवेदक की फोटो में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का वाटरमार्क दिखा। मामला संदिग्ध मिलने पर टेस्ट का वीडियो देखा गया तो मिला कि आवेदक ने पूरे टेस्ट के दौरान अपनी पलक नहीं झपकाई, जबकि फेस ऑथेंटिकेशन और लाइवनेस टेस्ट में प...
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