मेरठ, नवम्बर 11 -- 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य पाने में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। खेती में एआई के जरिए उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई क्षेत्र का विस्तार और प्रोसेसिंग को नई दिशा दी जा सकती है। एआई का उपयोग रोबोट, ड्रोन, सेंसर, मिट्टी का स्वास्थ्य, कीट एवं रोग प्रबंधन में किया जा सकता है। एआई में आधुनिक खेती की पूरी तस्वीर बदलने की ताकत है। चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस में पादप संरक्षण विभाग द्वारा अटल सभागार में आधुनिक कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अनुप्रयोग विषय पर हुई वर्कशॉप में यह बात आईएएसआरआई के प्रमुख एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ.गिरीश कुमार झा ने कही। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.द्विजेश चंद्र मिश्रा ने कृषि जैव सूचना विज्ञान में एआई की अवधारणा और व्यावहारिक अनुप्रयोग विषय पर कहा कि कृषि के सामने बढ़ती मांग, जलवायु परिव...