लखनऊ, नवम्बर 7 -- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने केंद्रीय विद्युत मंत्री को विद्युत संशोधन विधेयक के प्रारूप पर टिप्पणियां सौंप दी हैं। संगठन ने कहा है कि यह प्रस्तावित संशोधन पूरे बिजली ढांचे को ही ध्वस्त कर देगा। एआईपीईएफ ने विधेयक तत्काल वापस लेने की मांग की है क्योंकि इस विधेयक की असल मंशा निजीकरण है। अगर यह विधेयक पास हो जाता है तो यह किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आत्मघाती साबित होगा। एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि अगर यह विधेयक पास हुआ तो दशकों में बनी एकीकृत और संचालित बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। बिजली वितरण व उत्पादन के सबसे लाभदायक हिस्से निजी कंपनियों के हाथ सौंप दिए जाएंगे, जबकि घाटा और सामाजिक दायित्व सार्वजनिक क्षेत्र को ही उठाने पड़ेंगे। यह विधेयक सार्वजनिक हित में क्षेत्र को सहारा दे...