मुजफ्फरपुर, फरवरी 9 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सरकारी अस्पताल में अब शव वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर अस्पताल अधीक्षक और सिविल सर्जन किराए की गाड़ी कर शव को उनके परिजनों के साथ भेजेंगे। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इसका निर्देश जारी किया है। विभाग का कहना है कि कई जगह से शिकायत मिली है कि अस्पताल में मृत्यु होने पर कई बार शव वाहन नहीं मिल पाते हैं। इसलिए अधीक्षक का दायित्व है कि वह ऐसे लोगों को एंबुलेंस और अन्य गाड़ियां उपलब्ध कराएं। इसके अलावा दुघर्टना में मरने वाले लोगों को भी पोस्टमार्टम के लिए भी शव वाहन दिए जाएंगे। विभाग ने निर्देश दिया है कि अगर अस्पताल से किराए के शव वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं तो इसके किराए की राशि रोगी कल्याण समिति की ओर से मृतक के परिजनों को दी जाएगी। यही नहीं, मृतक का पूरा ब्योरा भी तैयार किया जाएगा।

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