अलीगढ़, दिसम्बर 19 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। एम्बुलेंस में बैठे मरीज के लिए सड़क पर फंसा हर एक पल उसकी जिंदगी और मौत के बीच का संघर्ष हो सकता है। ऐसे में एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को तत्काल और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह बातें गुरूवार को डीएम संजीव रंजन ने एम्बुलेंस के सुगम आवागमन को केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना बताते हुए कहीं। डीएम ने कहा कि जब कोई परिवार अपने प्रियजन को बचाने की उम्मीद लेकर एम्बुलेंस में अस्पताल की ओर भागता है, तब रास्ते में लगा जाम उस परिवार की पीड़ा और बेचौनी को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसी स्थिति किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने यातायात पुलिस एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि शहर के सभी प्रमुख च...
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