गाज़ियाबाद, फरवरी 3 -- गाजियाबाद, संवाददाता। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगना शुरू होने के बाद भी जिला अस्पतालों में जानवरों के काटने के मरीजों की भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। आलम यह है कि मरीज निकट की पीएचसी पर जाने की बजाए जिला अस्पतालों पर ही इंजेक्शन लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। इसके लिए उन्हें घंटो इंतजार भी करना पड़ रहा है। गाजियाबाद जिले का 80 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्र में आता है। लावारिस कुत्ते, बंदर, बिल्ली, चूहे आदि जानवर के काटने के सबसे ज्यादा मरीज भी शहरी क्षेत्र से आ रहे हैं। इसको देखते हुए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 53 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जनवरी से एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू किया गया। इसके लिए स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ले...
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