बागपत, सितम्बर 28 -- जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। कुत्ते काटने के मामले रोज सामने आ रहे हैं। नगर पालिका, नगर पंचायत के स्तर से कुत्तों को पकड़ने और इस समस्या से निजात दिलाने के कोई प्रबंध नहीं है। इन बात की गवाही देने के लिए ये आकंड़े काफी और चौकाने वाले है कि रोजाना 300 से 350 लोगों को सरकारी, निजी अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। जिलेभर का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां पर आवारा कुत्ते परेशानी का सबब न बने हों। दिन हो रात, एक तरह से सड़कों पर कुत्तों का राज रहता है। बाइक सवार के पीछे दौड़ पड़ते हैं। राह चलते लोगों को भी काटने के लिए दौड़ते हैं। आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन न तो इन्हें पकड़ने का कोई इंतजाम है और न ही नसबंदी करने ...
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