शामली, फरवरी 12 -- शहर के आर्य समाज मंदिर द्वारा आयोजित ऋषि बोध उत्सव के पांचवें दिवस गुरुवार को आर्य समाज मंदिर परिसर में स्त्री आर्य समाज के तत्वावधान में महर्षि दयानंद सरस्वती के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष वैदिक भजन एवं प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत आर्य समाज की यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ से हुई। यज्ञ के ब्रह्मा पुरोहित सुदेशपाल आर्य ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ सम्पन्न कराया। इस अवसर पर आर्य भजन सम्राट कुलदीप आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को टंकारा गुजरात में हुआ था। वे महान समाज सुधारक, राष्ट्रवाद के अग्रदूत और आर्य समाज के संस्थापक थे। उन्होंने वेदों की ओर लौटो का संदेश...