शाहजहांपुर, फरवरी 4 -- कलीमी मंजिल में उर्स मुबारक के चौथे दिन मू-ए-मुबारक की जियारत हुई। रात को महफिल समां में कव्वालों ने रुहानी कलाम पेश किए। खानकाह कलीमिया में उर्स मुबारक में शामिल होने मुल्क के दूर दराज हिस्सों से जायरीन आए हैं। पांच दिवसीय सालाना उर्स मुबारक में रोज रात को महफिल समां में कव्वालों को सुनने अकीदतमंदों की भीड़ जुट रही है। आज चौथे दिन दोपहर बाद मू-ए-मुबारक की जियारत के लिए खानकाह में अकीदतमंदों की भीड़ रही। अदब और एहतराम के साथ सज्जादानशीन हजरत आदिल महमूद कलीमी ने अकीदतमंदों को मू-ए-मुबारक की जियारत करवाई। सलाम और दुरुद के नज़राने पेश किए गए। अकीदतमंदों ने मन्नतें मांगी। मू-ए-मुबारक पर कौड़ियां निछावर की गयीं। कौड़ियां हासिल करने के लिए अकीदतमंदों में होड़ रही। कलीमी मंजिल में दूर दराज से आए जायरीन की रिहायश और लंगर का...
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