कानपुर, जनवरी 16 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। उर्सला में कर्मचारियों की लापरवाही से मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है। दरअसल, मुख्य भवन से इमरजेंसी तक गंभीर मरीजों को ले जाने के लिए अस्पताल परिसर में पैदल पुल बना है। यहां दोनों छोर पर लिफ्ट भी है, लेकिन इसके बाद भी मरीजों को सड़क पार कराकर ले जाया जा रहा है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच स्ट्रेचर पर लेटे मरीजों की सांसें तेज हो जाती हैं। समय बचाने और मेहनत से बचने की यह प्रवृत्ति गंभीर मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। स्ट्रेचर पर लेटे मरीजों को जब सड़क से इधर-उधर ले जाया जाता है, तो हर गुजरता वाहन खतरे की घंटी बन जाता है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों से टकराने से मरीज बाल-बाल बचे हैं, लेकिन चेतावनी के ये संकेत भी कर्मचारियों की आदत नहीं बदल पा रहे। दिनभर में दर्जनों मरीजों को म...