गोरखपुर, अक्टूबर 5 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। अनुदानित रासायनिक उर्वरकों की कमी के बढ़ते संकट के बीच कृषि विभाग किसानों को फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक कर रहा है। किसानों से अपील किया जा रहा है कि अपनी फसलों में मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें, ताकि फसल की उत्पादन लागत घटे और फसल उत्पादन भी प्रभावित न हो। उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह कहते है कि यदि किसी कारणवश मृदा परीक्षण नहीं हो पाया है, तो किसान भाई कृषि वैज्ञानिकों की फसलवार अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें। अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरक डालने से न केवल फसल उत्पादन लागत बढ़ती है, बल्कि मिट्टी, जल और वायु भी प्रदूषित होते हैं। पोषक तत्वों के ह्रास (न्यूट्रिएंट ड्रेन ) की समस्या खेतों में उत्पन्न हो जाती है। फसलवार उर्वर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.