नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एक्टिविस्ट उमर खालिद ने मंगलवार को दिल्ली कोर्ट में दिल्ली पुलिस की 'साजिश की सीक्रेट मीटिंग्स' वाली थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया। खालिद ने कहा, "ये मीटिंग्स कोई छिपी साजिश नहीं थीं, बल्कि CAA बिल के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध की खुली चर्चाएं थीं।" वो 2020 के उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों के कथित बड़े षड्यंत्र मामले में जेल में बंद हैं और चार्ज फ्रेमिंग की बहस चल रही है।सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद हलचल ये दलीलें ठीक एक दिन बाद आईं, जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत अर्जियों पर जवाब न देने के लिए लताड़ लगाई। एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी की कोर्ट में खालिद की तरफ से सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पैस ने पुलिस की कहानी को आईना दिखाया।कहां से आया...