सहरसा, सितम्बर 10 -- बरियारपुर, निज संवाददाता। बरियारपुर प्रखंड में उभ्भी नदी से सैकड़ों एकड़ खेत की सिंचाई होती थी, लेकिन रखरखाव नहीं होने एवं अतिक्रमण से नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। जलकुंभी से पटी नदी अब एक बड़े नाले की शक्ल में दिख रही है। पानी का बहाव भी रूक सा गया है, जिससे खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई की समस्या से कियान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अगर उभ्भी नदी को अतिक्रमण मुक्त कराकर जीणोद्धार कराया जाए तो इस क्षेत्र में खेतों की सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। उम्मी नदी की लंबाई 10 किलोमीटर से अधिक है। ऋषिकुंड पहाड़ से लेकर गंगा नदी का फैली हुई है। पहले इस नदी के पानी से खेतों की सिंचाई के साथ लोग दैनिक कार्य में भी नदी के पानी का उपयोग करते थे। लेकिन वर्तमान समय में जीवनदायिनी नदी सिकुड़ गई है। अतिक्रमण से ...
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