लखनऊ, जनवरी 1 -- विद्युत नियामक आयोग द्वारा पूरे प्रदेश के लिए कास्ट डाटा बुक जारी करने के बाद अब सभी बिजली कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट कर 12 जनवरी से पहले इसे हर हाल में लागू करना होगा। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने बिना नियामक आयोग की अनुमति के 9 सितंबर को एक आदेश जारी कर सिंगल फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत Rs.6016 और थ्री फेस की कीमत Rs.11341 वसूलना शुरू कर दिया था जबकि नियामक आयोग ने सिंगल फेस मीटर की अधिकतम कीमत 2800 रुपये और थ्री फेस मीटर की दर 4100 रुपये तय की है। 10 सितंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में 3,18,740 विद्युत उपभोक्ताओं ने एस्टीमेट जमा किया, जिनमें लगभग 90 फीसदी उपभोक्ता सिंगल फेस के थे। यदि Rs.6016 रुपये के आधार पर आकलन किया जाए तो कुल वसूली लगभग Rs.191 करोड़ बैठती है, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित Rs.2800 क...