लखनऊ, अगस्त 17 -- राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद सोमवार को नियामक आयोग में निजीकरण के खिलाफ विधिक आपत्तियां दाखिल करेगा। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि बीते पांच साल की सभी बिजली दरें अप्टेल में विचाराधीन हैं। इसके अलावा नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड बिजली दरें तय करने के लिए बने कानून के खिलाफ हाई कोर्ट में मुकदमा लड़ रही है। ऐसे में जब तक आंकड़ों पर फैसला नहीं होता है तब तक निजीकरण के लिए प्रस्तुत आंकड़ों पर नियामक आयोग फैसला नहीं ले सकता है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अप्टेल और हाई कोर्ट में विचाराधीन मामलों में नियामक आयोग भी पार्टी है। ऐसे में जब पूरा मामला हाईकोर्ट व अप्टेल में विचाराधीन है तो आयोग कैसे फैसला दे सकता है। जिन आंकड़ों पर उसने बिजली दरें अनुमोदित की हैं, वे आंकड़े भी अप्टेल और हाई कोर्ट का फैसला आने तक पु...
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