कानपुर, नवम्बर 20 -- कानपुर। उद्बोधन समिति द्वारा स्वामी नारदानंद सरस्वती महाराज के जन्म दिवस पर 58 वां महाधिवेशन प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। व्यास डॉ. मनोज शुक्ल ने कलियुग में भागवत कथा पढ़ने और सुनने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कलियुग में कथा सुनने से बैकुंठ का फल प्राप्त होता है। कथा श्रवण से संसार सागर से मुक्ति मिलती है। वेदों और उपनिषदों का सार भागवत कथा में निहित है। इसकी सार्थकता तभी सिद्ध होती है। जब इसे हम अपने जीवन में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए आत्म कल्याण करें। कार्यक्रम में आचार्य प्रेमजी, रामकुमार त्रिपाठी, सुशील त्रिपाठी, सुनील अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, कृष्ण बिहारी मिश्र, जितेंद्र सक्सेना, शिवम जोशी आदि मौजूद रहे।

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