मुंबई, अप्रैल 22 -- बीते 15 दिनों में शरद पवार और अजित पवार तीन बार मुलाकात कर चुके हैं और मंच साझा किया है। दोनों नेताओं के बीच पहले जैसी तल्खी भी नहीं दिखी। इससे महाराष्ट्र की राजनीति में कयास फिर से तेज हैं कि दोनों नेता साथ आ सकते हैं। ये चर्चाएं ऐसे दौर में शुरू हुई हैं, जब शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और मनसे लीडर राज ठाकरे के भी एकजुट होने के कयास लग रहे हैं। ऐसे में यदि पवार परिवार में पावर की जंग कम हुई और एकता स्थापित होती है तो फिर यह बड़ा उलटफेर होगा। इस उलटफेर को यूं भी बल मिला है क्योंकि सुप्रिया सुले का कहना है कि भले ही हमने राजनीतिक रूप से अलग राहें अपना ली हैं, लेकिन परिवार के तौर पर हमारे रिश्ते कभी खराब नहीं रहे। सुप्रिया सुले के इस अच्छे रिश्तों वाले बयान से भी एकता की अटकलें लग रही हैं। यही नहीं इस बीच उद्धव सेना के एक न...
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