धनबाद, अक्टूबर 28 -- धनबाद। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व छठ का समापन हो गया। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर और छठी मईया से सुख समृद्धि व निरोग काया की कामना की गई। इससे पूर्व सेामवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस दौरान छठ घाटों पर भक्तों की श्रद्धा उमड़ी। हजारों दीपों से पूरा छठ घाट जगमग हो उठा। सड़कों पर रंगोली बनाए गए तो गली मुहल्लों से छठ के गीत गुंजायमान हुए। अर्घ्य देकर किया पारण ,व्रतियों ने 36 घंटे का कठीन व्रत किया पूर्ण : मंगलवार की सुबह तीन बजे से ही छठ घाटों पर भीड़ उमड़ने लगी। माथे पर सूप - डलिया लेकर छठ घाट जाते लोग और उनके पीछे- पीछे छठ व्रतियों के साथ महिलाओं का झुंड चल रहा था। इस दौरान महिलाओं की पारंपरिक छठ गीतों ' कांच ही बांस के बहंगिया... कि बहंगी लचकत जाए से पूरा माहौल छठमयी ...
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