दरभंगा, नवम्बर 28 -- दरभंगा, एक प्रतिनिधि। कल्याणी निवास में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की 118वीं जयंती पर कामेश्वर सिंह स्मृति व्याख्यान कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति प्रो. देवनारायण झा ने 'मिथिला की साहित्यशास्त्रीय परम्परा' पर दिया। उन्होंने कहा कि महाराजा कामेश्वर सिंह उदारवीर थे और उन्होंने देशभर में कई शैक्षणिक संस्थानों को भरपूर दान दिया। उन्होंने कहा कि मिथिला केवल धर्म और कर्म की भूमि नहीं है, अपितु मोक्ष की भी भूमि है। यहां भोग के साथ ही साधना, तंत्र, मंत्र, कर्म और धर्म सभी क्षेत्रों में काफी कार्य हुए हैं। मौलिक रचनाओं के साथ ही टीका और व्याख्याएं भी लिखीं गईं। स्मृति व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुए प्रो. धर्मेंद्र कुमर ने कहा कि मिथिला का प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास पूर्णत: अभिजन है। मिथिला की लोकगाथाओं से...