लखनऊ, फरवरी 9 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-27) के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा दोनों सदनों के समक्ष दिए गए अभिभाषण की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है, विपक्ष जिस प्रकार से गॉव, ब्लाक, जिलों और सड़कों पर अराजकता फैलाता है, आज वही व्यवहार देखने को मिला जिससे सदन की गरिमा धूमिल हुई। एक अनुभवी महिला के रूप में राज्यपाल का अभिभाषण न सुनना और विपक्ष का उग्र प्रदर्शन करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण संवैधानिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है और राज्य सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को समर्पित है। राज्यपाल का संबोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि 25 करोड़ जनता के विश्वास और प्रदेश की खुशहाली का दस्तावेज़ है। हमारी सरकार बिना रुके, ...
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