देहरादून, जनवरी 2 -- उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की उम्र अगर 58 साल हो गई है और वह सत्रांत विस्तार पर हैं तो उनसे बीएलओ की ड्यूटी नहीं ली जाएगी। ऐसे सभी शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनों उत्तराखंड में प्री एसआईआर चल रहा है और ऐसे कई बीएलओ को भी ड्यूटी में लगाया गया है, जो 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। शिक्षक संगठनों की ओर से विभिन्न स्तर पर यह शिकायत की गई थी कि ऐसे शिक्षकों को भी बीएलओ ड्यूटी में लगाया गया है, जो 58 साल की आयु पूरी कर चुके हैं और सत्रांत लाभ के तहत उन्हें सेवा विस्तार मिला है, लेकिन ऐसे कई प्राइमरी शिक्षकों से बीएलओ की सेवा ली जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से भी निर्वाचन विभाग से ऐसे शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से अलग रखने का अनुरोध किया गया है। उधर, बीएलओ पर विभागीय ...