देहरादून, नवम्बर 29 -- एलयूसीसी के मालिक समीर अग्रवाल ने वर्ष 2017 में उत्तराखंड में कदम रखा था। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर 2018 में ऋषिकेश क्षेत्र में पहली शाखा खोली। यहां लोगों का भरोसा जीतकर पौड़ी, सीमांत जिले चमोली और फिर कुमाऊं तक पहुंच गया। बाद में ठगी का सबसे बड़ा खेल करके आरोपी फरार हो गया। उत्तराखंड में छह साल के भीतर नौ जिलों में एलयूसीसी की 37 शाखाएं खोली गईं। अधिकांश शाखाएं गढ़वाल मंडल में थीं। शुरू में अच्छा रिटर्न मिलने पर निवेशक भरोसा करते गए। सैकड़ों लोग तो ऐसे थे, जो खुद अपने लाखों रुपये निवेश करने के साथ इसके एजेंट बन गए। ठगी का पता चलने के बाद लोगों ने अपनी रकम पाने के लिए पहले जिलास्तर और देहरादून आकर मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया। हजारों लोगों के दबाव को देखते हुए एसआईटी गठित की गई। इसकी कमान एसएसपी पौड़ी को सौंपी गई...
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