देहरादून, दिसम्बर 27 -- उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाएं लचर बनी हुई हैं। सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन न होने के कारण मशीनें जंक खा रही हैं। मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। राजधानी से लगे प्रेमनगर में चार साल से एसएनसीयू नहीं चल पाया है। पछुवादून और जौनसार बावर में एक्सरे मशीन 5 साल से बंद हैं। त्यूणी के लोगों को तो एक्सरे के लिए पड़ोसी राज्य हिमाचल जाना पड़ रहा है। पौड़ी में दस लाख की लागत वाली अल्ट्रासाउंड मशीन एक साल से बंद पड़ी है। वहीं कुमाऊं के पिथौरागढ़, बागेश्वर, ऊधमसिंहनगर आदि जिलों में भी मरीज बेहाल हैं।ऊधमसिंह नगर में सीआर्म मेश मशीन छह माह से बंद काशीपुर के एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में सीआर्म मेश मशीन छह महीने से बंद है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव गांधी का चम्पावत तबादला होने से मशीन ऑपरेट नहीं हुई है। किच्छा सी...
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