देहरादून, अगस्त 30 -- उत्तराखंड के कृषि आधारित उद्योग अधिक मंडी शुल्क की मार झेल रहे हैं। यूपी में मंडी शुल्क कम होने की वजह से ऐसे उद्योगों को कड़ी बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जूझना पड़ रहा है। यहां कच्चे माल पर ही एक फीसदी ज्यादा मंडी शुल्क दे देने से उत्पाद की लगात बढ़ जा रही है। दूसरे राज्य से माल मंगाने पर दोहरे टैक्स ने इन्हें उद्योगों को दोराहे पर खड़ा कर दिया है। कृषि आधारित उद्योगों के सामने यह परेशानी तब ज्यादा बढ़ गई, जब उन्हें इसके नोटिस आए कि उन्हें पिछले दस साल का बढ़ा हुआ मंडी शुल्क जमा करना है। कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री उत्तराखंड के अध्यक्ष पवन अग्रवाल कहते हैं कि कृषि आधारित उद्योग पहले से ही चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में एक तरफ यूपी से अधिक मंडी शुल्क और दूसरा पिछली तिथि से मंडी शुल्क वसूली के नोटिस से अत...