नैनीताल, जनवरी 6 -- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले के कई गांवों में सोपस्टोन (खैरा) खनन के कारण मकानों में दरारें पड़ने के मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने निर्देश दिए कि खनन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों में डेटा संग्रह के लिए GPS सिस्टम लगाया जाए। ग्रामीणों ने अवैध खनन से हो रहे नुकसान को लेकर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अवगत कराया था। मुख्य न्यायाधीश ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोहराया कि उत्तराखंड में खड़िया खनन को नियंत्रित करने वाले प्रावधानों के तहत खनन कार्यों में लगे सभी वाहनों में जीपीएस प्रणाली अनिवार्य है। साथ ही इन जीपीएस प्रणालियों को रामन्ना पोर्टल से एकीकृत किया जाना चाहिए,...