देहरादून, अगस्त 12 -- उत्तराखंड में चैकडैम और बैराज आपदा को रोकने में कारगर हो सकते हैं। इसके लिए सरकार पांच साल का प्लान तैयार कर रही है। मंगलवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई के साथ ही जलश्रोत और नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण के साथ बैठक में इसके निर्देश दिए। उन्होंने बैराज, चैकडैम और जलाशयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सभी चैकडैम और बैराज को पूरी तरह से बनाया जाना है। नदियों में बैराज पूरी तरह तैयार किए जाएं। खासतौर पर पेयजल की कम उपलब्धता वाले स्थानों को प्राथमिकता पर लेते हुए बैराज बनाए जाएं। चैकडैम बनाने के दौरान गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाए। साथ ही जलग्रहण क्षेत्रों और जलस्रोतों के उपचार किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि चैकडैम भूजल स्तर को सुधारने के साथ ही मान...
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