हरिद्वार, नवम्बर 8 -- हरिद्वार, संवाददाता। एसएमजेएन महाविद्यालय में शनिवार को राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य में निबंध लेखन प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को शब्दों में उतारा। प्राचार्य प्रो. सुनील बत्रा ने बताया कि उत्तराखंड की संस्कृति परंपराएं तथा जीवन शैली प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यह प्रदेश न केवल अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक विरासत भी अत्यंत समृद्ध और अनोखी है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी ने बताया कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत इसकी पहचान है, यहां के लोग प्रकृति परंपरा और तथा आध्यात्मिकता से गहराई से जुड़े हुए हैं तथा इस विरासत को सुरक्षित रखना हम सबका परम कर्तव्य है।
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