देहरादून, जुलाई 10 -- उम्र के जिस पड़ाव में युवा अक्सर करियर और रोजगार के सवालों में उलझे रहते हैं, उसी उम्र में टिहरी के दीपक रमोला लाइफ लेसन और जीवन के अनुभवों की क्लासरूम से समाज के दृष्टिकोण में बदलाव का जरिया बन रहे हैं। मूल रूप से टिहरी के कोट गांव में जन्मे दीपक रमोला की शुरुआती पढ़ाई देहरादून के आर्मी स्कूल में हुई। मुंबई के एमएमके कॉलेज से स्नातक करने के बाद 17 साल की उम्र में ही उन्होंने प्रोजेक्ट फ्यूल शुरू किया। यह संस्था लोगों के जीवन के अनुभव संजोकर उसे समाज की बेहतरी और सामाजिक धारणा में बदलाव के लिए काम करती है। दीपक अब तक तमाम देशों के चार लाख से अधिक लोगों के अनुभवों को संकलित करके लोगों के दृष्टिकोण में बदलाव लाने का प्रयास कर चुके हैं।शिक्षा क्षेत्र में शीर्ष साै नवाचार में शामिल दीपक की लाइफ लेशन और अनुभव के क्लासरूम ...
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