देहरादून, अगस्त 6 -- मुखवा से धराली तक पसरे सन्नाटे के बीच लोगों के चेहरे पर खीर गंगा से मची तबाही का खौफ नजर आ रहा है। इन दिनों मेलों से गुलजारी पूरी घाटी में मातम छाया हुआ है। आपदा के बाद की पहली रात को घरों में चूल्हे तक नहीं जले। घरों और गांव के चौक में पूरी रात सिर्फ खीर गंगा की प्रलय में लापता लोगों की बात होती रही। मंगलवार दोपहर तक मुखवा, हर्षिल से लेकर धराली तक में रौनक थी। इन दिनों यहां गांव-गांव में मेले हो रहे हैं, तो उस उल्लास में दूर से नाते-रिश्तेदार भी धराली और मुखवा पहुंचे थे। लेकिन दोपहर बाद खीर गंगा के कहर ने इस सुंदर घाटी का न सिर्फ भूगोल बदल दिया, बल्कि पूरे इलाके की रौनक भी छीन ली। अजीब से सन्नाटे के बीच आसपास के गांवों के लोग उम्मीदों के बीच धराली भी पहुंचे, लेकिन यहां मौत की निशानियां के सिवा उन्हें कुछ नजर नहीं आ र...
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