सहारनपुर, अगस्त 28 -- नगर के जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। पहले दिन श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई। आचार्य श्री 108 अरुण सागर महाराज ने बताया कि दशलक्षण पर्व का महत्व मात्र उपवास रखना नहीं बल्कि जीवन एवं आत्मा का कल्याण करना है। दशलक्षण पर्व में मनुष्य को तप, ज्ञान, त्याग एवं सत्य बोलने को उत्तमता के साथ सीख दी गई है। उन्होंने बताया कि मुगलकाल में दशलक्षण पर्व के सम्मान में स्लाटर हाउस बद कर मांस की बिक्री प्रतिबंधित कर दी जाती थी। जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य व्यक्ति भी हिंसा के कार्यो से दूर रह सके। उन्होंने बताया कि दशलक्षण पर्व का मुख्य उद्देश्य मनुष्य द्वारा वर्ष भर में की गई भूल एवं गलत कार्यों का पश्चाताप कर आत्मकल्याण करना है। इस दौरान विनोद जैन, र...