लखीमपुरखीरी, नवम्बर 7 -- कस्बे के दशहरा मेले की रामलीला में गुरुवार को राम केवट संवाद का मंचन हुआ। 14 वर्षों के वनवास को निकले भगवान राम अनुज लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ रास्ते में बह रही गंगा नदी को पार करने के लिए केवट से नाव लाने को कहा। केवट ने उनके चरणों में बड़ी शक्ति बताते हुए गौतम ऋषि के शाप से पत्थर बनी अहिल्या के इनको छूने भर से जीवित हो जाने का उल्लेख किया। इनको छूकर अपनी नाव के जी उठने से रोजी-रोटी का जरिया खत्म हो जाने के साथ ही दो पत्नियों का भरण-पोषण कठिन कहा। उसने चरण धोने के बाद ही पार उतारने की शर्त रखी। श्रीराम ने के सहमत होने पर केवट ने भगवान के चरण पखारने के बाद उनको गंगा पार उतारा। मेला महामंत्री प्रवीण शाह ने बताया कि मेले में 14 नवम्बर को रावण वध किया जाएगा।

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