मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 13 -- मुजफ्फरपुर। उच्च शिक्षा वह मुकाम है, जहां तक छात्र अपनी आधी उम्र तय करके पहुंचता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद जीवन के इस पड़ाव पर भी रोजगार न मिले तो विद्यार्थी विचलित हो उठते हैं। इसलिए उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ना समय की मांग है। रविवार को हिन्दुस्तान के संवाद कार्यक्रम में ये बातें शिक्षाविदों ने कहीं। उन्होंने पारंपरिक से लेकर तकनीकी विश्वविद्यालयों में सत्र नियमित नहीं होने पर भी अपनी चिंता जतायी। कहा कि सत्र नियमित नहीं होने से छात्रों की नौकरियां छूट रही हैं। वे सरकारी नौकरियों में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। बिहार के बड़े विश्वविद्यालयों में शुमार मुजफ्फरपुर के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विवि में पीजी का सत्र देर चल रहा है। स्नातक का भी एक सत्र देर है। बिहार के दूसरे विश्वविद्यालयों में भी सत्र नियमित ...
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