मिर्जापुर, अक्टूबर 29 -- मिर्जापुर। प्रकृति के प्रति लोक आस्था के पर्व सूर्यषष्ठी का चार दिवसीय महापर्व कार्तिक शुक्ल सप्तमी तिथि को सुबह उगते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पण कर समापन हो गया। महिलाओं ने पुत्र प्राप्ति, पुत्र के दीर्घायु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना कर 36 घंटे के निराजल व्रत का पारायण किया। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए चार बजे भोर में ही ढोल, नगाड़ा, डीजे धुन और छठ मइया के गीत कांच के बहंगिया बहंगी लचकत जाय गीत गाते हुए समूह में व्रती महिलाएं और उनके नाते रिश्ते, आस-पड़ोस की महिलाएं गंगा घाट पहुंचीं। व्रती महिलाएं हाथ में अखंड दीप लिए हुए चल रही थीं। अपने-अपने पूजन वाले गंगा घाटों पर सूर्योदय से पहले पहुंचकर वेदी पर डलिया, सूप में प्रसाद रखकर विधि-विधान से पूजन कर पुरुष सदस्य हाथ में प्रसाद सिर के ऊपर उठाये गंगा के पानी म...
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