सहारनपुर, मई 6 -- सहारनपुर। शहर की उखड़ी हुई सड़कों से उड़ती धूल और वाहनों से निकलता जहरीला धुआं अब लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदूषण की समस्या स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग तीन दर्जन अस्थमा पीड़ित मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शहर की हकीकतनगर जैसी प्रमुख सड़कों की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं, बल्कि उनसे उड़ती धूल सांस संबंधी बीमारियों को भी जन्म दे रही है। सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है, जिनकी प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है। अस्थमा मरीजों को तकलीफ देती सड़क मरम्मत में लापरव...
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